वक़्त ने जो छीन लिया ..
वह कभी लौटकर नहीं आया !!
चेहरे वही है आस पास..
पर अपनापन कही खो गया !
हर दिन कुछ तोह बदलता है..
पर बीते कल की चुभन रहती है !!
वक़्त सब कुछ ठीक करता है..
यह भी एक झूठ सा लगता है !!
The Words We Write for Ghosts: Finding Courage in Grief & Resilience I haven’t written in a few weeks, and I’ve truly missed it. Sittin...
No comments:
Post a Comment