उस मोड़ पर खड़ी है ज़िन्दगी
जीने की चाह नहीं
पर न मरने की मजबूरी है !!
अब जेसे भी कटनी है
जल्दी कट जा यह ज़िन्दगी
अब और घिसने की चाहत नहीं !!
दो दिल जो खुद से जुड़ बैठे, उन्हें दुनिया ने आकर तोड़ दिया। फिर नाप के दौलत, जात, नसब, एक अनचाहा रुख मोड़ दिया। जो कम पड़ जाए हुस्न कहीं, तो तर...
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