Sunday, December 8, 2024

जीने के लिए सोचा ही नहीं दर्द संभल ने होंगे !!

 उस मोड़ पर खड़ी है ज़िन्दगी

जीने की चाह नहीं

पर न मरने की मजबूरी है !!


अब जेसे भी कटनी है 

जल्दी कट जा यह ज़िन्दगी 

अब और घिसने की चाहत नहीं !!



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